Wednesday, October 17, 2012

IAS officer probing DLF - Vadra deal transferred

डीएलएफ समूह ने गलत तरीकों से रॉबर्ट वाड्रा को 300 करोड़ रुपयों की संपत्तियां कौड़ियों के दाम बेचकर पैसे की हेरफेर की.सरकार के सभी रसूखदार रॉबर्ट वाड्रा के समर्थन में निरंतर बयान बाजी कर रहे हैं. इसका एक और उदाहरण सोमवार को उस समय देखने को म िला जब केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने रॉबर्ट वाड्रा के बचाव में आते हुए कहा है कि जब तक फायदे के लिए लेन-देन का विशिष्ट आरोप दायर नहीं किया जाता है तब तक निजी सौदे की जांच नहीं की जा सकती है.सरकार को जांच कराने में दिक्कत क्या है. वह इधर-उधर की बातें क्यों कर रही हैं. वह यह जताने की कोशिश क्यों कर रही है कि रॉबर्ट वाड्रा किसी भी जांच के दायरे से बाहर हैं. वह जांच कराकर दूध का दूध और पानी का पानी कर दे. लेकिन जांच कराना तो दूर मीडिया के सामने कांग्रेस का हरेक नेता इस तरह से बयान दे रहा है जैसे रॉबर्ट वाड्रा (गांधी परिवार) का सबसे बड़ा हमदर्द वही है. कांग्रेस की इन नेताओं में वफादारी का बुखार इस कदर सर चढ़कर बोल रहा है कि वह रॉबर्ट वाड्रा पर लगे आरोपों की जांच पर बिदक जाते हैं. Ref: https://www.facebook.com/photo.php?fbid=122542417897876&set=a.122313384587446.25823.122305961254855&type=1&theater

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