Wednesday, April 12, 2017

US experts opinion over Pak Decision Jadhav Death Sentence

जाधव की सजा दुनिया में PAK को अलग-थलग करने का बदला: US एक्सपर्ट्स




भारत के पूर्व अफसर रहे कुलभूषण जाधव (46) को पाकिस्तान में फांसी की सजा सुनाने की दुनियाभर में चर्चा हो रही है। इस पर अमेरिकी एक्सपर्ट्स ने कहा है कि पाकिस्तान, अंतरराष्ट्रीय बिरादरी में खुद को अलग-थलग किए जाने को लेकर भारत को कड़ा संदेश देना चाहता है। बता दें कि 10 मार्च को पाकिस्तान की आर्मी कोर्ट ने कुलभूषण को फांसी की सजा सुनाई थी। भारत में संसद में इसका जोरदार विरोध हुआ था। सुषमा स्वराज ने सदन में कहा था, "जाधव पूरे हिंदुस्तान का बेटा है। हर कीमत पर उन्हें बचाया जाएगा।" जाधव के मामले में पाक ने गजब की तेजी दिखाई...

- न्यूज एजेंसी की खबर के मुताबिक यूएस के विदेश मंत्रालय की पूर्व अफसर एलिजा आयर्स ने कहा, "जाधव के मामले में कई गड़बड़ियां हुईं। एक तो पाक में भारतीय हाईकमिश्नर को कोई जानकारी नहीं दी गई। कोर्ट मार्शल का फैसला चौंकाने वाला रहा। इसमें भी पूरी गोपनीयता रखी गई। विरोधाभास तो ये है कि जितनी तेजी पाकिस्तान ने जाधव के मामले में दिखाई, उससे कहीं ज्यादा सुस्त मुंबई हमले की सुनवाई रही।"
- "पाक ने मुंबई हमले का केस करीब 9 साल से अटका रखा है।"
- बता दें कि एलिजा एक टॉप अमेरिकन थिंक टैंक में भारत, पाक और साउथ एशिया मामलों की सीनियर फैलो हैं।
- वॉशिंगटन के एक अन्य थिंक टैंक साउथ एशिया सेंटर एट द अटलांटिक काउंसिल के डायरेक्टर भरत गोपालस्वामी ने कहा, "जाधव को सजा देने में पाक ने सबूत दिए, वो काफी हल्के हैं। मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की गई। पाकिस्तान इसका इस्तेमाल भारत की आतंकवाद से लड़ाई की डिप्लोमेसी के खिलाफ करना चाहता है।"
और क्या बोले एक्सपर्ट?
- वुड्रो विल्सन सेंटर में साउथ एशिया मामलों के डिप्टी डायरेक्टर माइकल कूगलमैन ने कहा, "पाक ने जाधव के जिन सबूतों को आधार बनाया, वे रहस्य और अनिश्चितता से भरे हैं। लेकिन इन सबसे तय है कि पाक, भारत को कड़ा संदेश देना चाहता है। पाक नई दिल्ली को चेता रहा है कि वह उसके मामलों में न तो दखलअंदाजी न करे या उसे दुनिया में अलग-थलग करने की कोशिश न करे।"
- "अब ये देखना होगा कि भारत किस तरह जाधव की सजा रुकवाता है। वहीं पाक, कुलभूषण की रिहाई के लिए बड़ी सौदेबाजी करेगा। पाकिस्तान, भारत के साथ अपने बड़े मसलों को हल करने के लिए जाधव को ट्रम्प कार्ड की तरह इस्तेमाल कर सकता है।"
- क्रूगलमैन ने ये भी कहा, "भारत-पाक के रिलेशन लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर चल रहे हैं। दोनों किसी भी वक्त होनी वाली बातचीत को गुडबाय कह सकते हैं। कुल मिलाकर कहें तो आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच आपसी रिलेशन को लेकर बुरा वक्त आने वाला है।"
- स्टिमसन इंस्टीट्यूट के साउथ एशिया प्रोग्राम को डिप्टी डायरेक्टर समीर लालवानी के मुताबिक, "अगर पाक जाधव को चीन-पाक इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) के लिए खतरा मान रहा था तो उसे कुछ महीनों पहले ही सजा सुना देनी थी। अगर पाक जाधव की सजा के जरिए डिप्लोमेटिक दबाव बनाना चाहता है तो भी उसके लिए इंटरनेशनल कम्युनिटी को समझाना मुश्किल होगा।"
क्या बोले थे सुषमा-राजनाथ?
- राज्यसभा में लीडर ऑफ अपोजिशन गुलाम नबी आजाद ने कहा, "हम सरकार के साथ हैं। जाधव को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का अच्छे से अच्छा वकील किया जाना चाहिए।"
- इस पर सुषमा ने कहा, "ये पक्ष-विपक्ष का मसला नहीं है। मैं गुलाम नबी को धन्यवाद देना चाहती हूं कि वे इस मसले पर सरकार के साथ हैं। हिंदुस्तान के इस बेटे को बचाने के लिए अच्छा वकील खड़ा करना तो छोटी बात है, हम राष्ट्रपति तक भी बात करेंगे।"
- "पाक ने जाधव को जो सजा सुनाई है, वो सोचा-समझा मर्डर है। उन्होंने कुछ गलत नहीं किया। सरकार आउट ऑफ द वे जाकर मदद करेगी। अगर जाधव को फांसी होती है तो पाकिस्तान को गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। इसका असर बाइलैटरल रिलेशन पर भी पड़ेगा।"
- राजनाथ सिंह ने कहा, "कुलभूषण के पास वैलिड भारतीय वीजा मिला था। ऐसी स्थिति में वह जासूस कैसे हो सकता है? उसे बचाने के लिए जो बन पड़ेगा, वो सरकार करेगी। मैं आश्वस्त करता हूं कि उसके साथ अन्याय नहीं होगा। जाधव बहुत पहले ही नेवी छोड़ चुका था। उसका बिजनेस था। इसी सिलसिले में वह ईरान के चाबहार आया-जाया करता था। वहां से उसे अगवा किया और बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया हुआ दिखाया गया।"
क्या है मामला?
- पाक आर्मी ने वहां की जेल में बंद भारतीय अफसर कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाई है। पाक ने आरोप लगाया था कि जाधव भारतीय जासूस है। 
- पाक मिलिट्री के अफसर मेजर जनरल आसिफ गफूर ने ट्वीट किया था कि पाकिस्तान आर्मी एक्ट के तहत जाधव का फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल (FGCM) किया गया और फांसी की सजा सुनाई गई। 
- इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के हाई कमिश्नर अब्दुल बासित को तलब किया। उन्हें डिमार्शे (डिप्लोमैटिक डिमांड लेटर) सौंपा। इसमें कहा गया- अगर सजा पर अमल होता है तो ये कानून के बुनियादी नियमों के खिलाफ होगा। इसे सोचा-समझा कत्ल कहा जाएगा।
- डिमार्शे में आगे कहा गया- ये ध्यान रखा जाना चाहिए कि पाकिस्तान में इंडियन हाई कमीशन को ये बताने की जरूरत भी नहीं समझी गई कि कुलभूषण पर केस चल रहा है। भारत के लोग और सरकार इसे सोचा-समझा कत्ल ही मानेंगे।
- वहीं, पाकिस्तान ने कहा है कि कुलभूषण जाधव को सुनाई गई फांसी की सजा के खिलाफ 60 दिन के अंदर अपील की जा सकती है।

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